भारतीय संस्कृति की पहचान पुरे विश्व में सबसे अलग संस्कृति के रूप में हैं। भारतीय संस्कृति को जीवंत बनाए रखने में भारतीय कलाकारों यहां के निवासियों व भारत में प्राचीन जनजातियों का विशेष योगदान माना जाता है।
किसी भी राष्ट्र की पहचान उसकी संस्कृति से होती है।
भारतीय संस्कृति अपने आदर्श वाक्य वसुधैव कुटुंबकम् के कारण से जानी जाती हैं।
इसी भारतीय संस्कृति को जीवंत बनाए रखने में अनेक भारतीय कलाकारों का अहम योगदान माना जाता है।
प्राचीन भारत में अनेक प्रकार के नृत्य प्रचलित थें। कुछ नृत्य समय के साथ बदलते गए और कुछ हमेशा के लिए समाप्त हो चूके हैं। या समाप्ति की ओर हैं। लेकिन भारतीय लोक कलाकारों ने आज भी अनेक नृत्यों को विश्व स्तरीय पहचान दिलाई हुए हैं।
चित्तौड़गढ़ के बड़ी सादड़ी स्थित स्वामी विवेकानंद माॅडल स्कूल में स्पिक मैके की वर्ल्ड डांस डे सीरीज के अंतर्गत क्लासिकल डांस मणिपुरी की अंतरराष्ट्रीय कलाकार पद्मश्री दर्शना झावेरी का अपने पांच साथियों के साथ मणिपुरी डांस के कार्यक्रम की दिनांक 18 अप्रैल को पहली प्रस्तुति स्वामी विवेकानंद राजकीय माडल स्कूल बडी सादडी मे दिन मे 1.00 बजे दी विद्यालय के प्रिंसिपल एवं अन्य गणमान्य अतिथियों कलाकारों का स्वागत माल्यार्पण के द्वारा किया
गया अतिथियों ने कहा कि हमारी सांस्कृतिक विरासत को बचाने के लिऐ स्पिक मेके के प्रयास प्रशंसनीय है ।
इन छोटे-छोटे प्रयासों से हम अपनी विरासत को संजोए रख सकते हैं।
पढ़ते रहिए अपना बड़ी सादड़ी
www.apnabarisadriblogpost.com
किसी भी राष्ट्र की पहचान उसकी संस्कृति से होती है।
भारतीय संस्कृति अपने आदर्श वाक्य वसुधैव कुटुंबकम् के कारण से जानी जाती हैं।
इसी भारतीय संस्कृति को जीवंत बनाए रखने में अनेक भारतीय कलाकारों का अहम योगदान माना जाता है।
प्राचीन भारत में अनेक प्रकार के नृत्य प्रचलित थें। कुछ नृत्य समय के साथ बदलते गए और कुछ हमेशा के लिए समाप्त हो चूके हैं। या समाप्ति की ओर हैं। लेकिन भारतीय लोक कलाकारों ने आज भी अनेक नृत्यों को विश्व स्तरीय पहचान दिलाई हुए हैं।
चित्तौड़गढ़ के बड़ी सादड़ी स्थित स्वामी विवेकानंद माॅडल स्कूल में स्पिक मैके की वर्ल्ड डांस डे सीरीज के अंतर्गत क्लासिकल डांस मणिपुरी की अंतरराष्ट्रीय कलाकार पद्मश्री दर्शना झावेरी का अपने पांच साथियों के साथ मणिपुरी डांस के कार्यक्रम की दिनांक 18 अप्रैल को पहली प्रस्तुति स्वामी विवेकानंद राजकीय माडल स्कूल बडी सादडी मे दिन मे 1.00 बजे दी विद्यालय के प्रिंसिपल एवं अन्य गणमान्य अतिथियों कलाकारों का स्वागत माल्यार्पण के द्वारा किया
गया अतिथियों ने कहा कि हमारी सांस्कृतिक विरासत को बचाने के लिऐ स्पिक मेके के प्रयास प्रशंसनीय है ।
इन छोटे-छोटे प्रयासों से हम अपनी विरासत को संजोए रख सकते हैं।
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