- -:कोशिश करने वालो की कभी हार नही होती लहरों से डर.कर नौका पार नही होती।
ठीक कुछ ऐसा ही कर दिखाया हैं। शिक्षक दिनेश वैष्णव ने
आम लोगों में बनी सरकारी विद्यालयों एवं सरकारी शिक्षकों की धारणा को बदलने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं। अजमेर जिले के केकड़ी ब्लाॅक के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय मण्डा में कार्यरत शिक्षक दिनेश वैष्णव
जिनको उक्त विद्यालय में आए हुए मात्र कुछ माह हुए हैं। लेकिन उन्होंने पुरे विद्यालय की तस्वीर बदल कर रख दी है।
दिनेश वैष्णव ने जब इस विद्यालय में कार्यग्रहण किया उस समय विद्यालय की स्थिति बेहद खराब थी। जिसे देखकर शिक्षक वैष्णव का मन उद्वेलित हुआ। तथा उन्होंने इसे सम्पूर्ण रूप से बदलने का बीड़ा उठाया।
शिक्षक वैष्णव ने जनसहयोग से विद्यालय की पुरी तस्वीर ही बदल कर रख दी। नये रंग रोगन भारत दर्शन गलियारा विभिन्न महीनों के नाम विभिन्न आकृतियां विद्यालय की दीवारों पर उकेरी गई जिससे विद्यालय के स्वरुप में बढ़ा बदलाव आया।
शिक्षक वैष्णव की कार्यशैली व विद्यालय के प्रति समर्पण की भावना को देखकर विद्यालय में ही कार्यरत शिक्षिका सुनिता ने 500रूपये प्रतिमाह विद्यालय को देने का निर्णय लिया हैं। पेश है। मण्ड़ा विद्यालय की बदलती तस्वीर
शिक्षक वैष्णव को उक्त कार्य हेतु नवोदय क्रांति समिति द्वारा सम्मानित किया जा चूका है।
वैष्णव अपनी तरफ अन्य विद्यालयों में भी बदलाव के जनक बन रहें हैं। तथा उन शिक्षकों को प्रकाश में लाने का कार्य भी कर रहे हैं। जो शिक्षा एंव विद्यार्थियों के हितों के लिए जाने जाते हैं। शिक्षक वैष्णव ने अन्य जिलों के समर्पित शिक्षकों की टीम को खोजने का कार्य भी किया है। तथा ऐसे समर्पित शिक्षकों के विद्यालयों में भौतिक संसाधनों की कमी को पुरा करने के लिए भी मुंबई की नामी हस्तियां आगे आ रहीं हैं।
सचमुच में शिक्षक वैष्णव सभी शिक्षकों के लिए आदर्श बन रहें हैं।
यदि इसी प्रकार अन्य शिक्षक भी विद्यालय के लिए समर्पित भाव से काम करें तो सचमुच में सरकारी विद्यालयों की तस्वीर बदल सकती है।
पढ़ते रहिए अपना बड़ी सादड़ी
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