Thursday, 19 December 2019

प्रेरक प्रसंग-सत्य की महत्ता


जीवन में प्रेरक प्रसंग बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं।
अपना बड़ी सादड़ी ब्लाग की पोस्ट पढ़ते रहिए।
और शेयर करते रहिए।

सत्य का साथ कभी न छोड़े

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स्वामी विवेकानंद जी प्रारंभ से ही मेधावी छात्र थे और सभी लोग उनके व्यक्तित्व और वाणी से प्रभावित रहते थे | जब वह अपने साथी छात्रों से कुछ बताते तो सब मंत्रमुग्ध हो कर उन्हें सुनते थे |
एक दिन कक्षा में वो कुछ मित्रों को कहानी सुना रहे थे, सभी उनकी बातें सुनने में इतने मग्न थे की उन्हें पता ही नहीं चला की कब मास्टर जी कक्षा में आये और पढ़ाना शुरू कर दिया | मास्टर जी ने अभी पढ़ाना शुरू ही किया था कि उन्हें कुछ फुसफुसाहट सुनाई दी | “कौन बात कर रहा है ?” मास्टर जी ने तेज आवाज़ में पूछा |
सभी छात्रों ने स्वामी जी और उनके साथ बैठे छात्रों की तरफ़ इशारा कर दिया | मास्टर जी क्रोधित हो गए | उन्होंने तुरंत उन छात्रों को बुलाया और पाठ से संबंधित प्रश्न पूछने लगे | जब कोई भी उत्तर नहीं दे पाया तब मास्टर जी ने स्वामी जी से वही प्रश्न किया, स्वामी जी तो मानो सब कुछ पहले से ही जानते हो |
उन्होनें आसानी से उस प्रश्न का उत्तर दे दिया | यह देख कर मास्टर जी को यकीन हो गया कि स्वामी जी पाठ पर ध्यान दे रहे थे और बाकी छात्र बात – चीत कर रहे थे |
फिर क्या था | उन्होंने स्वामी जी को छोड़ सभी को बेंच पर खड़े होने की सजा दे दी | सभी छात्र एक एक कर बेंच पर खड़े होने लगे | स्वामी जी ने भी यही किया | मास्टर जी बोले नरेन्द्र तुम बैठ जाओ ! नहीं सर, मुझे भी खड़ा होना होगा क्योंकि वो मैं ही था जो इन छात्रों से बात कर रहा था | स्वामी जी ने आग्रह किया | सभी उनकी सच बोलने की हिम्मत देख बहुत प्रभावित हुए |

*कहानी से सीख : इस कहानी से यह शिक्षा मिलती है कि मार्ग कितना भी कठिन क्यों न हों | सदा सत्य का साथ देना चाहिए 

Sunday, 15 December 2019

बड़ी सादड़ी के विकास को नई दिशा देते-दिलीप चौधरी

 अपने पिछड़े पन का रोना रोती बड़ी सादड़ी की जनता के लिए आशा की किरण बन चूका एक व्यक्तित्व जो हर व्यक्ति की तारीफ का पर्योय बन चूका है। वर्तमान बड़ी सादड़ी नगरपालिका के अध्यक्ष दिलीप चौधरी  जिन्होंने अनेक कार्यों के माध्यम से जनता के मन में जगह बनाई है।
बड़ी सादड़ी क्षैत्र में अनेक ऐसे काम हो रहे हैं। या हो चूके हैं। जिन्होंने क्षैत्र की जनता को राहत पहुंचाने का काम किया है। साथ ही किस प्रकार वर्तमान पीढ़ी अपने अग्रजों द्वारा नगरपालिका के विकास हेतु किए गए कार्यों को याद करें उनका सम्मान करें। इस हेतु प्रथम बार दीपावली मिलन समारोह भी आयोजित किया गया। जो अपने आप में अनूठा काम हैं।
बड़ी सादड़ी  नगरपालिका अध्यक्ष दिलीप चौधरी द्वारा सभी समाजों को एक स्थान पर बिठा कर एक श्मशान घाट योजना जो वर्षों पुरानी मांग थी को पूरा करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
बड़ी सादड़ी के प्रमुख मार्गों पर नवीन यात्री प्रतिक्षालय हो या नवीन पार्को का निर्माण
या बड़ी सादड़ी के आदि पुरुष स्वामी जी के प्रति श्रृद्धांजलि अर्पित करने के कामों में अपनी रूचि दिखा कर दिलीप चौधरी ने बड़ी सादड़ी की जनता के दिलों पर आसीन हो चूके हैं।
हालांकि कुछ विवादों के कारण दिलीप चौधरी  चर्चा में भी रहें।  बड़ी सादड़ी नगर के विकास के लिए इस युवा चेहरे पर अब जनता का विश्वास पुरे चरम पर है।
दिलीप चौधरी वहीं व्यक्ति  हैं। जिन्होंने बड़ी सादड़ी में भाजपा शासित बोर्ड जो भ्रष्टाचार के कारण चर्चा में रहा था।
भाजपा समर्थकों को साथ में लेकर कांग्रेस पार्टी का चैयरमेन बनने के कारण भी जाने जाते हैं।
विदित रहे कि इनके पिताजी भी पूर्व में बड़ी सादड़ी नगरपालिका के अध्यक्ष रह चुके हैं। जिनके व्यवहार व काम को जनता आज भी याद करती है।

Saturday, 31 August 2019

बड़ी सादड़ी की नायाब अनदेखी तस्वीरें

 झाला मान की नगरी से प्रसिद्ध बड़ी सादड़ी की कुछ अनदेखी तस्वीरें जो अपने आप में इसके सुंदर परिवेश इसकी सांस्कृतिक विरासत एवं इसके निवासियों के रहन सहन खान-पान व्यवसाय इत्यादि को प्रर्दशित करती है।

पढ़ते रहिए अपना बड़ी सादड़ी


Saturday, 13 July 2019

धरती को बचाने का एक छोटा सा प्रयास-वृक्ष मित्र अभियान

सिर सांटे रूख रहे तो भी सस्तो जाण



वृक्षों कोबचाने और वृक्षारोपण के लिए विश्व भर के अनेक देशों द्वारा अलग अलग प्रकार के अभियान और कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। ताकि इस धरती पर वृक्षों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो तथा लोग वृक्षों के महत्व को समझें। और लोगों में पर्योवरण के प्रति जागरूकता बढ़े।
राजस्थान सरकार ने राजस्थान के राजकीय विद्यालयों में नव प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर वृक्षारोपण करने उनकी देखभाल वर्ष भर करने संबंधी एक विस्तृत अभियान वृक्ष मित्र के नाम से प्रारंभ किया है।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बढ़ते ग्लोबल वार्मिंग को कम करने हेतु विद्यार्थी किस प्रकार अपना योगदान दे सकें तथा हरित राजस्थान की परिकल्पना को साकार करना है। इस अभियान के तहत राजस्थान के प्रत्येक विद्यालय में एक विस्तृत कार्यक्रम का आयोजन किया गया है ‌।
तथा उस कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा सघन वृक्षारोपण का कार्य किया गया।
इस अभियान के तहत राजस्थान में लाखों वृक्ष रोपे जा चूके हैं। जिससे निश्चित रूप से राजस्थान में हरियाली का विस्तार होगा। एवं पेड़ जिनको वर्षा में सहायक माना जाता है। एवं प्राण वायु का आधार भी निश्चित ही यह अभियान इन दोनों कार्यो में सहायक सिद्ध होगा ।
साथ ही अखबारों में तथा अन्य सोशल मीडिया पर उक्त कार्यक्रम के छाया चित्रों के अपलोड होने से लोगों में पर्योवरण के प्रति जागरूकता का भाव जगेगा ।
राजस्थान सरकार का यह अभियान राजस्थान को हरित राजस्थान बनाने में मददगार साबित होगा।
पेड़ लगाए -धरती बचाएं
धरती का शृंगार पेड़ हैं।
जीवन का आधार पेड़ हैं।
पेड़ होंगे तो जीवन होगा।
वरना सब कुछ वीरान होगा


Friday, 14 June 2019

राजपूतीं आन बान व सच्चें प्रेम पर आधारित फिल्म-सूर्य प्रथा


विश्व में मेवाड़ अपनी आन बान शान के लिए  जाना जाता हैं।
यहां के राजपूतों की गाथाएं अलग भागों में अलग अलग पत्रकार से वर्णित की जाती है।
सिर काट दे दियो क्षत्राणि जैसी पंक्तियां आज भी हमारे जहान में गूंजती रहती है।
ठीक इसी प्रकार के सच्चे प्रेम एवं राजपूती आन-बान शान व वचन निभाने की परंपरा को लेकर लेकसिटी उदयपुर में सूर्यप्रथा फिल्म की शूटिंग चल रही है।
*उदयपुर में बन रही राजपूती कल्चर पर आधारित एक कलेक्टर की सबसे अनोखी फ़िल्म "सूर्यप्रथा"*

 मेवाड़ की आन बान और शान कहे जाने वाले राजपूती कल्चर पर इन दिनों उदयपुर एवम चित्तौड़गढ़ की विभिन्न जगहों पर मेवाड़ के वचन निभाने की परंपरा, पवित्र प्रेम एवम इतिहास की सबसे अनोखी फ़िल्म सूर्यप्रथा की शूटिंग चल रही है ।
फ़िल्म निदेशक कृष्णार्जुन पार्थभक्ति ने बताया कि ये फ़िल्म आज की पीढ़ियों को प्रेरणा देने, सच्चे प्यार की अहमियत बताने के लिए एवम शिक्षा का महत्व बताने के लिए बनाई जा रही है । इस फ़िल्म का प्रमुख उद्देश्य जैसे श्रीराम ने वनवास में रहकर पिता को दिया वचन निभाया, महाराणा प्रताप ने पातलो में खाना खाकर मातृभूमि को दिया वचन निभाया, ठीक वैसे ही कैसे एक सामान्य परिवार का लड़का और लड़की अपना वचन निभाते है और   मेवाड़ के वचन निभाने की परंपरा को जिंदा रखते है । सूर्यप्रथा फ़िल्म में एक रजपूती परिवेश में पली बढ़ी लड़की के कलेक्टर बनने तक कि कहानी को दर्शाया गया है । फ़िल्म में मेवाड़ की कई प्रतिभाओ को भी मौका दिया गया है । यह फ़िल्म 15 अगस्त को यूट्यूब पर रिलीज होगी ।
उक्त फिल्म की शूटिंग उदयपुर चित्तौड़गढ़ बेंगू मेनार सहित कई अन्य स्थानों पर की गई है। इस फिल्म में स्थानीय कलाकारों को मौका दिया गया है। जो अपने आप में अलग  हैं। इससे स्थानीय प्रतिभाओं को आगे आने का मौका मिलेगा।
इस फिल्म में लीड रोल में उदयपुर की जाह्नवी और सूर्यो के रूप में भावेश नागदा नजर आएंगे। 
इस फिल्म  को बनाने में फिल्म के निर्देशक कृष्णा अर्जून पार्थ भक्ति  ने कठीन मेहनत की है। 
तथा उनका मानना है। कि यह फिल्म दर्शकों को खूब पसंद आएगी। 
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Sunday, 9 June 2019

एक शाम पिपलिया भैरू के नाम -भव्य भजन संध्या जयसिंह पुरा

बड़ी सादड़ी शहर के निकटवर्ती गांव जयसिंह पुरा में स्थित पिपलिया भैरू के मंदिर पर एक शाम पिपलिया भैरू के नाम भजन संध्या का आयोजन श्री  देवनारायण धाकड़ श्री कमलेश धाकड़ श्री वृद्धि चंद जी धाकड़ की और से किया गया।
इस भव्य भजन संध्या में भजनों की प्रस्तुति डीजे किंग श्रीगोकुल जीशर्मा ,श्री सूरज जी चौबीसा ,श्री बबलू राजस्थानी द्वारा दी गई।
उक्त भजन संध्या में अनेक श्रद्धालुओं ने भाग लिया तथा भजनों की प्रस्तुति का आनंद उठाया ।
इस भजन संध्या में  स्थानीय सांसद श्री मान सीपी जोशी ने भी शिरकत की। जिनका गांव के नागरिकों द्वारा स्वागत किया गया। तथा इस अवसर सासंद महोदय ने कहा कि वे क्षेत्र के विकास के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। अन्य गणमान्य अतिथियों का उपारणा ओढ़ाकर स्वागत किया गया।
इस भजन संध्या का लाभ उठाने के लिए बढ़ी संख्या में मातृ शक्ति निकटवर्ती गांवों से भी उपस्थित हुईं।  इस कार्यक्रम के दौरान गोकुल शर्मा द्वारा भैरूजी के चरणों में अनेक भजनों की प्रस्तुति दी गई। जिस पर युवाओं द्वारा जमकर नृत्य किया गया।
भजनों की प्रस्तुति के दौरान ड्रोन द्वारा प्रस्तुति देने वाले कलाकारों के ऊपर पुष्प वर्षा की गई । 
इस सम्पूर्ण कार्यक्रम केसुंदर नजारों को कैमरे में कैद करने का काम स्टार सेलिब्रेशन निंबाहेड़ा द्वारा किया गया। 
गोकुल शर्मा ने प्राचीन समय में गाते जाने वाले गीतों एवं बदलते जमाने के हिसाब से गाए जाने गीतों के बारे में भी बताया गया।इस भजन संध्या के दौरान जयपुर से आए एक कलाकार द्वारा मटकी नृत्य की प्रस्तुति भी भजन के साथ में दी गई। 
देर रात तक चलने वाली इस भजन संध्या में लोग जमें रहें तथा गोकुल शर्मा के भजनों का लुत्फ उठाते रहे। 
इस भजन संध्या में पधारे सभी नागरिकों का आयोजक टीम द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। 
समय समय इस प्रकार की भजन संध्याओं के आयोजनों से लोगों का जुड़ाव भारतीय संस्कृति से होता है। लोग ऐसे ऐसे कलाकारों से भी परिचित होते हैं। जिनकी एक अलग पहचान होती है। जो अभी तक अनेक लोगों की जानकारी से परे थें। 
निश्चित रूप से आयोजक टीम इस प्रकार के कार्यक्रम के लिए धन्यवाद की पात्र है। पेश है। इस भजन संध्या की कुछ तस्वीरें
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Saturday, 8 June 2019

एक विद्यार्थी एक वृक्ष - स्वामी विवेकानंद माॅडल स्कूल भदेसर

 आजकल बढ़तें हुए तापमान की हर जगह चर्चा हो रही है। आखिर कार धरती पर इस प्रकार से तापमान बढ़ने के पीछे क्या वजह है,को लेकर  सम्पूर्ण मानव जाति चिंतन करने में  लगीं हैं। जो कारण उभर कर सामने आ रहे हैं। उनमें से सबसे प्रमुख कारण बढ़ती कार्बन डाइऑक्साइड गैस  जो धरती के ऊपर स्थित वायुमंडल में एक प्रकार से कंबल का काम कर रही है। जिसे ग्लोबल वार्मिंग के नाम से भी जाना जाता है।
आखिर कार बढ़ती कार्बन डाइऑक्साइड गैस को कम करने के लिए हम सभी को  मिलकर प्रयास करने होंगे।
ठीक ऐसा ही प्रयास राजकीय स्वामी विवेकानंद माॅडल स्कूल भदेसर में देखने को मिला जहां पर विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विद्यालय के समस्त छात्र छात्राओं द्वारा एक अनूठी पहल शुरू की गई है। जो वास्तव में सराहनीय है।
विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर विद्यालय परिवार की ओर से एक विद्यार्थी एक वृक्ष अभियान का प्रतिकात्मक रूप से आगाज किया गया है।
इस अभियान के तहत प्रत्येक विद्यार्थी को एक वृक्ष लगा कर उसे बड़ा करने की जिम्मेदारी दी गई।
इस मौके पर  महाराणा प्रताप कृषि विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ कपिल ने विद्यार्थियों को मिट्टी एवं पौधों  को रोपने एवं किस प्रकार के पौधों का चयन  किस प्रकार की मिट्टी के लिए किया जाए पर जानकारी प्रदान की गई।
इस कार्यक्रम में 51पौधों को रोप कर एक विद्यार्थी एक वृक्ष कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
इस अनूठी पहल के पीछे  स्थानीय विद्यालय के युवा प्रिंसिपल श्री हिमांशु ज्ञानी का अहम योगदान रहा है।
उनके ही मार्ग दर्शन में विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने उक्त कार्यक्रम को सफल बनाया। तथा सच्चे अर्थों में पर्यावरण को बचाने में एक सार्थक पहल की शुरुआत की गई।




इस प्रकार के कार्यक्रम हमारे नव ऊर्जा वान पीढ़ी को पर्योवरण के प्रति जागरूक करने में अवश्य सहायक सिद्ध होंगे। 
हमें भी इस प्रकार के कार्यक्रम से एक सीख लेनी होगी। 
यदि वृक्ष रहेंगे तो ही धरती का श्रृंगार रहेगा। 
बिना पेड़ों के धरती वीरान होगी ।
आइए हमारी प्राचीन परंपरा की और फिर लौटे ज़हां 
कहा गया है ‌।
सिर सांटे रूख रहे तो भी सस्तो जांण
आइए हम भी वृक्षारोपण करें एवं अन्य लोगों को भी प्रेरित करें। 
पढ़ते रहिए अपना बड़ी सादड़ी



किसानों के लिए निराशा का कारण बनती बड़ी सादड़ी धान मंडी

बड़ी सादड़ी धान मंडी कहने में तो किसानों के क्रय विक्रय का सहकारी केन्द्र है। लेकिन यदि आप इस मंडी का एक बार भ्रमण करलेगें। तो निश्चित रूप...